संत कबीर दास जी भारतीय संत परंपरा के ऐसे महान संत थे, जिन्होंने अपनी वाणी के माध्यम से जीवन की सच्चाई को अत्यंत सरल और प्रभावशाली शब्दों में प्रस्तुत किया। उनके भजन केवल गीत नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा दिखाने वाले आध्यात्मिक संदेश हैं।
कबीर जी ने अपने दोहों और भजनों में अहंकार, आडंबर, पाखंड और मोह-माया से दूर रहकर सत्य, प्रेम और आत्मज्ञान का मार्ग बताया है। उनके भजन आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने सैकड़ों वर्ष पहले थे।
इस लेख में आपको कबीर जी के 7 प्रसिद्ध भजन लिरिक्स मिलेंगे, जिनमें शामिल हैं —
कबीर अमृतवाणी, चदरिया झीनी रे झीनी, नर तन फेर ना मिलेगो रे, मन ना रंगाए जोगी, जैसे गहरे आध्यात्मिक अर्थ वाले भजन।
ये सभी भजन जीवन की नश्वरता, आत्मा की शुद्धता और ईश्वर भक्ति का संदेश देते हैं।

कबीर भजन लिरिक्स
- कबीर अमृतवाणी लिरिक्स
- चदरिया झीनी रे झीनी लिरिक्स
- यहाँ रहना नहीं देस बिराना है लिरिक्स
- मन ना रंगाए जोगी कपड़ा रंगाए लिरिक्स
- जीते भी लकड़ी मरते भी लकड़ी देख तमाशा लकड़ी का लिरिक्स
- नर तन फेर ना मिलेगो रे लिरिक्स
- डर लागे और हाँसी आवे लिरिक्स
भावार्थ (सभी भजनों का सार)
कबीर जी के इन भजनों का मूल संदेश यह है कि यह मानव जीवन बहुत दुर्लभ है और इसे व्यर्थ नहीं गँवाना चाहिए। उन्होंने समझाया कि शरीर नश्वर है, लेकिन आत्मा अमर है। मनुष्य बाहरी दिखावे, धन-दौलत और अहंकार में फँसकर अपने वास्तविक उद्देश्य को भूल जाता है।
कबीर जी कहते हैं कि केवल भक्ति, सत्य और सद्गुण ही मनुष्य को मोक्ष की ओर ले जाते हैं। चाहे “चदरिया झीनी रे झीनी” हो या “नर तन फेर ना मिलेगो”, हर भजन यही सिखाता है कि मन को शुद्ध रखो, गुरु की शरण जाओ और ईश्वर का स्मरण करते रहो।
उनकी वाणी हमें सिखाती है कि:
- जीवन क्षणभंगुर है
- अहंकार सबसे बड़ा शत्रु है
- सच्ची भक्ति आडंबर से दूर होती है
- आत्मज्ञान ही जीवन का लक्ष्य है
FAQ – कबीर भजन से जुड़े प्रश्न
1. कबीर जी के भजन क्यों प्रसिद्ध हैं?
क्योंकि कबीर जी के भजन जीवन की सच्चाई को सरल शब्दों में समझाते हैं और मनुष्य को सही मार्ग दिखाते हैं।
2. कबीर के भजनों का मुख्य विषय क्या है?
कबीर भजनों का मुख्य विषय है —
👉 आत्मज्ञान
👉 वैराग्य
👉 ईश्वर भक्ति
👉 अहंकार का त्याग
3. कबीर अमृतवाणी का क्या अर्थ है?
कबीर अमृतवाणी का अर्थ है — ऐसी वाणी जो अमृत के समान हो, जो आत्मा को शुद्ध करे और जीवन को सही दिशा दे।
4. क्या कबीर भजन आज भी प्रासंगिक हैं?
हाँ, कबीर जी के भजन आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं क्योंकि वे जीवन, कर्म, अहंकार और सत्य की बात करते हैं।
5. कबीर के भजन पढ़ने या सुनने से क्या लाभ होता है?
मन को शांति मिलती है
सही जीवन मार्ग मिलता है
अहंकार कम होता है
आत्मचिंतन बढ़ता है
ईश्वर में विश्वास मजबूत होता है
निष्कर्ष
कबीर जी के भजन सिर्फ सुनने या पढ़ने के लिए नहीं होते, बल्कि वे हमें सही तरीके से जीना सिखाते हैं। उनकी वाणी सीधे दिल को छूती है और हमें अपने भीतर झाँकने पर मजबूर कर देती है। जो इंसान इन भजनों के अर्थ को समझकर उन्हें अपने जीवन में उतार लेता है, उसका जीवन धीरे-धीरे सरल हो जाता है, मन शांत रहने लगता है और वह हर परिस्थिति में संतुलन बनाए रखना सीख जाता है। सच कहें तो कबीर जी की वाणी जीवन को हल्का, सच्चा और अर्थपूर्ण बना देती है।