मैं लाडला खाटू वाले का लिरिक्स, Main Ladla Khatu Wale Ka Lyrics

“मैं लाडला खाटू वाले का” भगवान खाटू श्याम को समर्पित एक प्रसिद्ध और भक्तिभाव से भरा भजन है। इस भजन में भक्त अपने आराध्य श्याम बाबा के प्रति प्रेम और विश्वास को व्यक्त करता है।

भजन में यह बताया गया है कि बाबा श्याम किसी भेदभाव को नहीं मानते। वे सभी भक्तों को समान रूप से अपनाते हैं। चाहे कोई अमीर हो या गरीब, बाबा की कृपा सब पर समान रूप से बरसती है।

राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू धाम में लाखों भक्त बाबा के दर्शन करने आते हैं। बाबा श्याम को कलियुग का देवता भी कहा जाता है, क्योंकि वे अपने भक्तों की हर पुकार सुनते हैं और उनके जीवन के संकट दूर करते हैं।

Main Ladla Khatu Wale Ka Lyrics

मैं लाडला खाटू वाले का लिरिक्स


ना गोरे का ना काले का,
घनश्याम मुरली वाले का,
मैं लाडला खाटू वाले का ॥

भारत में राजस्थान है,
अजी जयपुर जिसकी शान है,
जयपुर के पास ही रींगस है,
रींगस से उठता निशान है,
भगतो के पालनहारे का,
घनश्याम मुरली वाले का,
मैं लाडला खाटू वाले का ॥

दुनिया में निराली शान है,
कहलाता बाबा श्याम है,
कोई फूल चढ़ा ले जाता है,
कोई छपन भोग लगाता है,
सब को खुश रखने वाले का,
घनश्याम मुरली वाले का,
मैं लाडला खाटू वाले का ॥

जो मैंने कभी ना सोचा था,
जहाँ कोशिश से ना पहुंचा था,
मेरे श्याम ने मुझको बचा लिया,
मुझे मंजिल तक पहुंचा दिया,
कन्हैया मुरली वाले का,
घनश्याम मुरली वाले का,
मैं लाडला खाटू वाले का ॥

ना गोरे का ना काले का,
घनश्याम मुरली वाले का,
मैं लाडला खाटू वाले का,
मैं लाडला खाटू वाले का॥



भावार्थ (सरल शब्दों में)


इस भजन में भक्त गर्व से कहता है कि वह खाटू वाले श्याम बाबा का लाडला है। बाबा घनश्याम मुरली वाले यानी श्रीकृष्ण के ही स्वरूप माने जाते हैं।

भजन में खाटू धाम का वर्णन करते हुए बताया गया है कि राजस्थान में जयपुर के पास स्थित रींगस से बाबा के मंदिर का रास्ता जाता है। यहाँ भक्त बड़ी श्रद्धा से बाबा को फूल, प्रसाद और छप्पन भोग अर्पित करते हैं।

भजन यह भी दर्शाता है कि जब भक्त जीवन में निराश हो जाता है और रास्ता नहीं मिलता, तब बाबा श्याम उसकी रक्षा करते हैं और उसे सही मंजिल तक पहुंचाते हैं। यही कारण है कि भक्त उन्हें अपना सबसे बड़ा सहारा मानते हैं।

FAQ – मैं लाडला खाटू वाले का भजन


1. यह भजन किस भगवान को समर्पित है?

यह भजन खाटू श्याम बाबा को समर्पित है, जिन्हें भगवान कृष्ण का अवतार माना जाता है।

2. खाटू श्याम मंदिर कहाँ स्थित है?

खाटू श्याम मंदिर राजस्थान के सीकर जिले में स्थित है।

3. यह भजन कब गाया जाता है?

यह भजन खाटू श्याम मंदिर में भजन संध्या, सत्संग और धार्मिक आयोजनों में गाया जाता है।

4. खाटू श्याम जी को कलियुग का देवता क्यों कहा जाता है?

क्योंकि माना जाता है कि वे कलियुग में अपने भक्तों की मनोकामनाएँ जल्दी पूरी करते हैं।

5. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का संदेश है कि बाबा श्याम अपने भक्तों की रक्षा करते हैं और उन्हें सही मार्ग दिखाते हैं।

निष्कर्ष


“मैं लाडला खाटू वाले का” भजन भक्त और भगवान के बीच के गहरे प्रेम और विश्वास को दर्शाता है। यह भजन हमें सिखाता है कि जब भक्त सच्चे मन से बाबा श्याम का स्मरण करता है, तो वे उसकी हर कठिनाई दूर कर देते हैं और उसे जीवन में सही दिशा प्रदान करते हैं।
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