ज्योत से ज्योत जगाते चलो लिरिक्स, Jyot Se Jyot Jagate Chalo Lyrics

“ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो” एक अत्यंत प्रेरणादायक और मानवता का संदेश देने वाला भजन है। यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन का असली उद्देश्य केवल अपने लिए जीना नहीं, बल्कि दूसरों के जीवन में भी प्रकाश और प्रेम फैलाना है।

इस भजन में दया, सेवा, समानता और भाईचारे की भावना को बहुत सुंदर तरीके से प्रस्तुत किया गया है। यह भजन हमें यह समझाता है कि हर इंसान में भगवान का अंश है, इसलिए हमें हर किसी के साथ प्रेम और सम्मान से व्यवहार करना चाहिए।

यह भजन विशेष रूप से सत्संग, सामाजिक कार्यक्रमों, भजन संध्या और प्रेरणात्मक सभाओं में गाया जाता है।

Jyot Se Jyot Jagate Chalo Lyrics


ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो लिरिक्स


ज्योत से ज्योत जगाते चलो, प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आए जो दीन दुखी, सबको गले से लगाते चलो

जिसका न कोई संगी साथी ईश्वर है रखवाला
जो निर्धन है जो निर्बल है वह है प्रभू का प्यारा
प्यार के मोती लुटाते चलो, प्रेम की गंगा...

आशा टूटी ममता रूठी छूट गया है किनारा
बंद करो मत द्वार दया का दे दो कुछ तो सहारा
दीप दया का जलाते चलो, प्रेम की गंगा...

छाई है छाओं और अंधेरा भटक गई हैं दिशाएं
मानव बन बैठा है दानव किसको व्यथा सुनाएं
धरती को स्वर्ग बनाते चलो, प्रेम की गंगा...

ज्योत से ज्योत जगाते चलो प्रेम की गंगा बहाते चलो
राह में आए जो दीन दुखी सब को गले से लगाते चलो
प्रेम की गंगा बहाते चलो ...

कौन है ऊँचा कौन है नीचा सब में वो ही समाया
भेद भाव के झूठे भरम में ये मानव भरमाया
धर्म ध्वजा फहराते चलो, प्रेम की गंगा ...

सारे जग के कण कण में है दिव्य अमर इक आत्मा
एक ब्रह्म है एक सत्य है एक ही है परमात्मा
प्राणों से प्राण मिलाते चलो, प्रेम की गंगा ...



भावार्थ (सरल शब्दों में)


इस भजन का भाव यह है कि हमें अपने जीवन की रोशनी दूसरों के जीवन में भी फैलानी चाहिए। जैसे एक दीपक दूसरे दीपक को जलाता है, वैसे ही हमें प्रेम और दया के माध्यम से दूसरों के जीवन में उजाला लाना चाहिए।
भजन में बताया गया है कि जो लोग गरीब, दुखी या असहाय हैं, उन्हें अपनाना और उनकी मदद करना ही सच्ची भक्ति है। हमें कभी भी किसी के साथ भेदभाव नहीं करना चाहिए, क्योंकि हर व्यक्ति में वही परमात्मा विराजमान है।
यह भजन यह भी सिखाता है कि जब संसार में अंधेरा और निराशा फैलती है, तब हमें दया, प्रेम और सेवा के दीप जलाकर उसे प्रकाशमय बनाना चाहिए। यही सच्चा धर्म और मानवता का मार्ग है।

FAQ – ज्योत से ज्योत जगाते चलो भजन


1. यह भजन किस विषय पर आधारित है?

यह भजन प्रेम, सेवा, समानता और मानवता के भाव पर आधारित है।

2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का संदेश है कि हमें प्रेम और दया के माध्यम से समाज में अच्छाई फैलानी चाहिए।

3. यह भजन कब गाया जाता है?

यह भजन सत्संग, सामाजिक कार्यक्रमों, भजन संध्या और प्रेरणात्मक सभाओं में गाया जाता है।

4. “ज्योत से ज्योत जगाने” का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है कि हम अपने अच्छे विचारों और कर्मों से दूसरों के जीवन में भी उजाला फैलाएं।

5. इस भजन को सुनने से क्या लाभ होता है?

इस भजन से मन में सकारात्मकता, प्रेम और सेवा की भावना बढ़ती है।

निष्कर्ष


“ज्योत से ज्योत जगाते चलो” भजन हमें जीवन का सबसे सुंदर संदेश देता है — कि प्रेम और सेवा ही सच्चा धर्म है। जब हम अपने भीतर की रोशनी को दूसरों तक पहुंचाते हैं, तब न केवल हमारा जीवन, बल्कि पूरा समाज प्रकाशमय हो जाता है।
Previous Post Next Post