“बालाजी आछा लागे सै” भगवान हनुमान जी को समर्पित एक प्रसिद्ध और भावपूर्ण भजन है। इस भजन में भक्त अपने आराध्य सालासर बालाजी के प्रति प्रेम और श्रद्धा व्यक्त करता है।
हनुमान जी को भगवान श्रीराम का परम भक्त और दूत माना जाता है। वे अपने भक्तों के संकट हरने वाले, शक्ति और भक्ति के प्रतीक हैं। राजस्थान के सालासर में स्थित बालाजी मंदिर में लाखों श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएँ लेकर आते हैं और हनुमान जी का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
यह भजन विशेष रूप से सालासर बालाजी मंदिर, भजन संध्या, सत्संग और धार्मिक आयोजनों में गाया जाता है।

बालाजी आछा लागे सै लिरिक्स
सिया राम जी के चरणों के दास बाला जी,
भक्तों के रहते सदा पास बाला जी,
श्री राम जी के दूत बड़े खास बाला जी,
तेरे दम से चले मेरी सांस बाला जी ॥
तेरा सालासर दरबार, तने पूजे यो संसार,
तेरी गूंजे जय जयकार, मने आच्छा लागे सै,
माता अंजनी के लाल, तेरी कोई ना मिसाल,
तेरा चोला लाल लाल, मन्ने अच्छा लागे सै,
तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,
तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै ॥
मैं तो हो गया था बड़ा मजबूर बालाजी,
चरणों से हो गया था दूर बालाजी,
तेरे नाम का यो चढ़ गया सरूर बालाजी,
तेरी भक्ति से हो या मशहूर बालाजी,
तूने भरदी मेरी गोज, तेरी कृपा से मौज,
तेरे दर पे आना रोज, मने अच्छा लागे सै,
तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,
तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै ॥
तेरे ऊंचे ऊंचे देखूं जो निशान बाला जी,
दिल में जगे सै अरमान बाला जी,
तूने भर दी मेरी गोज तेरी कृपा से मौज,
तेरे दर पे आना रोज मने अच्छा लागे सै,
तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,
तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै ॥
तेरे ऊंचे ऊंचे देखूं जो निशान बाला जी,
दिल में जगे सै अरमान बाला जी,
तुने जग में करी है ऊंची शान बाला जी,
देख दुनिया बड़ी है परेशान बाला जी,
नरसी धरता तेरा ध्यान, अटकी तेरे में ही जान,
मित्तल करता गुणगान, मन्ने अच्छा लगे से,
तेरे तन में है राम, तेरे मन में है राम,
तन्ने कहना राम-राम, मने अच्छा लागे सै ॥
भावार्थ (सरल शब्दों में)
इस भजन में भक्त कहता है कि हनुमान जी भगवान श्रीराम के सच्चे सेवक और भक्तों के रक्षक हैं। वे हमेशा अपने भक्तों के पास रहते हैं और उनके जीवन की हर समस्या में सहायता करते हैं।
भजन में सालासर बालाजी के दरबार की महिमा का वर्णन करते हुए बताया गया है कि वहाँ दुनिया भर से लोग दर्शन के लिए आते हैं और हनुमान जी की जयकार करते हैं। भक्त के लिए बालाजी का लाल चोला, उनका स्वरूप और उनका नाम बहुत प्रिय है।
भजन यह भी बताता है कि जब भक्त संकट में था और जीवन में कठिनाई आई, तब बालाजी की कृपा से उसके जीवन में खुशियाँ लौट आईं। इसलिए भक्त हर दिन बालाजी के दरबार में आकर उनका स्मरण करना चाहता है।
FAQ – बालाजी आछा लागे सै भजन
1. यह भजन किस भगवान को समर्पित है?
यह भजन भगवान हनुमान जी, विशेष रूप से सालासर बालाजी को समर्पित है।
2. सालासर बालाजी मंदिर कहाँ स्थित है?
सालासर बालाजी मंदिर राजस्थान के चुरू जिले में स्थित है।
3. यह भजन कब गाया जाता है?
यह भजन भजन संध्या, सत्संग, मंगलवार और शनिवार की पूजा तथा बालाजी के कीर्तन में गाया जाता है।
4. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
इस भजन का मुख्य संदेश है कि हनुमान जी की भक्ति से जीवन में शक्ति, साहस और संकटों से मुक्ति मिलती है।
5. हनुमान जी को राम का दूत क्यों कहा जाता है?
क्योंकि वे भगवान श्रीराम के परम भक्त और उनके संदेशवाहक माने जाते हैं।
निष्कर्ष
“बालाजी आछा लागे सै” भजन भगवान हनुमान जी के प्रति भक्त के प्रेम और आस्था को दर्शाता है। यह भजन हमें सिखाता है कि जब भक्त सच्चे मन से हनुमान जी का स्मरण करता है, तो वे उसके जीवन के संकट दूर कर देते हैं और उसे शक्ति, साहस और विश्वास प्रदान करते हैं।