तूने अजब रचा भगवान महीना होली का लिरिक्स | Tune Ajab Racha Bhagwan Mahina Holi Ka Lyrics

“तूने अजब रचा भगवान महीना होली का” एक अत्यंत उत्साहपूर्ण और भक्तिरस से भरा फागुन होली भजन है। इस भजन में फागुन महीने की मस्ती और रंगों की छटा के साथ सभी देवी-देवताओं के होली खेलने का सुंदर वर्णन किया गया है।

भजन में गणपत जी रिद्धि-सिद्धि के साथ, ब्रह्मा जी ब्रहाणी संग, विष्णु जी लक्ष्मी जी के साथ और भोले जी गौरा माँ संग होली खेलते दिखाई देते हैं। यह दृश्य दर्शाता है कि होली केवल मानवों का ही नहीं, बल्कि देवताओं का भी आनंद उत्सव है।

यह भजन विशेष रूप से फागुन माह, होली उत्सव, भजन संध्या और मंदिर आयोजनों में गाया जाता है।

Tune Ajab Racha Bhagwan Mahina Holi Ka Lyrics

तूने अजब रचा भगवान महीना होली का लिरिक्स


तूने अजब रचा भगवान महीना होली का।
तूने मस्त बनाया भगवान महीना फागुन का।

होली खेलन गणपत जी आए।
गणेश जी आए संग रिद्धि सिद्धि लाये।
और जमकर खेले फाग महीना होली का।

तूने अजब रचा भगवान महीना होली का।
तूने मस्त बनाया भगवान महीना होली का।

ब्रम्हा जी आए संग ब्रहाणी को लाये।
और जमकर खेले फाग महीना होली का।

तूने अजब रचा भगवान महीना होली का।
तूने मस्त बनाया भगवान महीना फागुन का।

विष्णु जी आए संग लक्ष्मी जी को लाए।
और जमकर खेले फाग महीना होती का।

तूने अजब रचा भगवान महीना होती का।
तूने मस्त बनाया भगवान महीना फागुन का।

भोले जी आए संग गौरा मां को लाए।
और जमकर खेले फाग, महीना होली का ।



भावार्थ (सरल शब्दों में)


इस भजन का भाव यह है कि फागुन और होली का महीना स्वयं भगवान की अद्भुत रचना है। यह महीना आनंद, प्रेम और उल्लास से भरा हुआ है। इसमें सभी देवी-देवता भी रंगों में सराबोर होकर फाग खेलते हैं।

गणेश जी रिद्धि-सिद्धि के साथ, ब्रह्मा जी ब्रहाणी के साथ, विष्णु जी लक्ष्मी जी के साथ और भोलेनाथ गौरा माँ के संग रंगों में डूबे दिखाई देते हैं। इससे यह संदेश मिलता है कि होली का त्योहार केवल सांसारिक नहीं, बल्कि आध्यात्मिक आनंद का भी प्रतीक है।

यह भजन हमें सिखाता है कि जीवन को उत्सव की तरह जीना चाहिए और ईश्वर की बनाई हर ऋतु और पर्व का आनंद श्रद्धा और प्रेम से लेना चाहिए।

FAQ – तूने अजब रचा भगवान महीना होली का भजन


1. यह भजन किस विषय पर आधारित है?

यह भजन फागुन महीने और देवी-देवताओं की होली लीला पर आधारित है।

2. यह भजन कब गाया जाता है?

यह भजन फागुन माह, होली उत्सव, भजन संध्या और मंदिर कार्यक्रमों में गाया जाता है।

3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश है कि होली प्रेम, आनंद और ईश्वर की कृपा का उत्सव है।

4. इस भजन को सुनने से क्या लाभ होता है?

इस भजन से मन प्रसन्न होता है, भक्ति बढ़ती है और उत्सव का आनंद दोगुना हो जाता है।

5. इस भजन की विशेषता क्या है?

इसकी विशेषता यह है कि इसमें सभी प्रमुख देवी-देवताओं को होली खेलते हुए दर्शाया गया है।

निष्कर्ष


“तूने अजब रचा भगवान महीना होली का” भजन फागुन के रंग, आनंद और आध्यात्मिक उल्लास का सुंदर चित्रण है। यह हमें याद दिलाता है कि ईश्वर ने ऋतुओं और त्योहारों को केवल परंपरा के लिए नहीं, बल्कि जीवन में खुशी और प्रेम भरने के लिए बनाया है। जब देवता भी होली खेलते हैं, तो हमें भी इस उत्सव को प्रेम और भक्ति से मनाना चाहिए।
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