मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा लिरिक्स, Murakh Bande Kya Hai Re Jag Mein Tera Lyrics

“मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा” एक गूढ़ अर्थ वाला भक्ति-प्रेरक भजन है, जो मनुष्य को जीवन की अस्थिरता, अहंकार की निरर्थकता और ईश्वर स्मरण का बोध कराता है। यह भजन सीधे मन को झकझोरता है और प्रश्न करता है कि संसार की दौड़-भाग, धन-दौलत और मान-सम्मान आखिर किस काम के हैं।

इस भजन के शब्द मनुष्य को आत्मचिंतन की ओर ले जाते हैं और बताते हैं कि इस जगत में कुछ भी स्थायी नहीं है — केवल ईश्वर का नाम और अच्छे कर्म ही साथ जाते हैं। इसलिए यह भजन साधारण मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन का संदेश है।

सत्संग, भजन संध्या और आध्यात्मिक आयोजनों में यह भजन श्रोताओं को गहरी शांति और वैराग्य की अनुभूति कराता है।

Murakh Bande Kya Hai Re Jag Mein Tera Lyrics

मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा लिरिक्स


मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,
ये तो सब झूठा सपना है कुछ तेरा न मेरा,
मूरख बंदे क्या है जग में तेरा

कितनी ही माया जोड़ ले कितने ही महल बना ले,
अरे तेरे मरने के बाद सुन तेरे ये घर वाले,
दो गज कफ़न उड़ा के तुझको छीन लेंगे तेरा डेरा,
मूरख बंदे क्या है जग में तेरा

कोठी बंगला कार देख तू क्यों इतना इतराता है,
पत्नी और बचो के बीच में फुला नहीं समाता है,
चार दिनों की चांदनी  है ये फिर आएगा अँधेरा,
मूरख बंदे क्या है जग में तेरा

मूरख अपनी मुक्ति का तू जल्दी कर उपाये,
अरे किसी दिन तेरी कड़ी तेरी बाह पकड़ ले जाये,
तेरे साथ में घूम रहा है बन कर काल लुटेरा,
मूरख बंदे क्या है जग में तेरा

पाप कमाया तूने बहुत अब थोड़ा कर्म कमा ले,
कुछ तो समय अजमेरियाँ राम नाम गुण गा ले,
राम नाम से मिट जाएगा जन्म मरण का फेरा,
मूरख बंदे क्या है जग में तेरा

मूरख बंदे क्या है जग में तेरा,
ये तो सब झूठा सपना है कुछ तेरा न मेरा,
मूरख बंदे क्या है जग में तेरा



FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1. “मूरख बंदे क्या है रे जग में तेरा” भजन किस भाव पर आधारित है?

यह भजन वैराग्य, आत्मज्ञान और ईश्वर स्मरण के भाव पर आधारित है।

2. यह भजन किस अवसर पर गाया जाता है?

✔️ सत्संग
✔️ भजन-कीर्तन
✔️ आध्यात्मिक प्रवचन
✔️ मनन-चिंतन के समय

3. क्या यह भजन किसी विशेष भगवान को समर्पित है?

यह भजन निर्गुण भक्ति की श्रेणी में आता है और ईश्वर के सर्वव्यापी स्वरूप की ओर संकेत करता है।

4. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

👉 अहंकार छोड़ो, ईश्वर को स्मरण करो
संसार अस्थायी है, केवल भक्ति और सत्कर्म ही सार्थक हैं।

5. क्या यह भजन युवाओं के लिए भी उपयोगी है?

हाँ, यह भजन युवाओं को जीवन की सच्चाई, सही दिशा और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है।
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