“हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता” एक अत्यंत प्रेरणादायक और भरोसे से भरा राम भजन है, जो भक्त के मन से भय, चिंता और असमंजस को दूर कर देता है। यह भजन हमें यह विश्वास दिलाता है कि जब जीवन की डोर प्रभु श्रीराम के हाथों में सौंप दी जाए, तो फिर किसी भी प्रकार की चिंता शेष नहीं रहती।
इस भजन में बार-बार यह भाव उभर कर आता है कि ईश्वर अपने भक्त की हर छोटी-बड़ी चिंता स्वयं करते हैं। जब शरणागति पूर्ण हो जाती है, तब जीवन सहज, शांत और विश्वास से भर जाता है। यह भजन कठिन समय में मन को ढाढ़स देता है और राम पर अटूट भरोसा सिखाता है
यह भजन विशेष रूप से राम भजन संध्या, सत्संग, संकट के समय और राम नवमी जैसे अवसरों पर गाया जाता है।


हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता लिरिक्स
हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ तो,
किस बात की चिंता ॥
किया करते हो तुम दिन रात क्यों,
बिन बात की चिंता..(x2)
तेरे स्वामी को रहती है,
तेरी हर बात की चिंता..(x2)
हमारें साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥
ना खाने की ना पीने की,
ना मरने की ना जीने की..(x2)
रहे हर स्वास पर भगवान के,
प्रिय नाम की चिंता..(x2)
हमारें साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥
विभिषण को अभय वर दे किया,
लंकेश पल भर में..(x2)
उन्ही का कर रहे गुणगान तो,
किस बात की चिंता..(x2)
हमारें साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥
हुई ब्रजेश पर किरपा,
बनाया दास प्रभु अपना..(x2)
उन्ही के हाथ में अब हाथ तो,
किस बात की चिंता..(x2)
हमारें साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता ॥
हमारे साथ श्री रघुनाथ तो,
किस बात की चिंता,
शरण में रख दिया जब माथ तो,
किस बात की चिंता ॥
भावार्थ (सरल शब्दों में)
इस भजन का भाव यह है कि जब हमारा साथ स्वयं श्रीराम का हो, तो फिर किसी भी बात की चिंता करने की आवश्यकता नहीं रहती। मनुष्य दिन-रात व्यर्थ की चिंताओं में डूबा रहता है, जबकि उसका स्वामी हर क्षण उसकी रक्षा और देखभाल कर रहा होता है।
भजन हमें याद दिलाता है कि जीवन की आवश्यकताएँ, सांसों की गति, भोजन-पानी, जीवन-मरण — सब कुछ ईश्वर के हाथ में है। जैसे प्रभु ने विभीषण को शरण देकर क्षण भर में अभयदान दिया, वैसे ही वे हर शरणागत की रक्षा करते हैं।
जब भक्त अपने जीवन की बागडोर प्रभु के हाथों में सौंप देता है, तब चिंता स्वयं दूर हो जाती है और मन विश्वास से भर जाता है। यह भजन सिखाता है कि सच्ची शांति केवल प्रभु पर पूर्ण भरोसे से ही मिलती है।
FAQ – हमारे साथ श्री रघुनाथ भजन
1. यह भजन किस भाव पर आधारित है?
यह भजन राम पर भरोसे, शरणागति और निश्चिंत जीवन के भाव पर आधारित है।
2. यह भजन कब गाया जाता है?
यह भजन राम भजन संध्या, सत्संग, संकट काल और राम नवमी जैसे अवसरों पर गाया जाता है।
3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
इस भजन का मुख्य संदेश है कि जब जीवन प्रभु के भरोसे छोड़ दिया जाए, तो चिंता स्वतः समाप्त हो जाती है।
4. इस भजन को सुनने से क्या लाभ होता है?
इस भजन को सुनने से मन शांत होता है, भय दूर होता है और राम पर विश्वास दृढ़ होता है।
5. भजन में विभीषण का उल्लेख क्यों किया गया है?
विभीषण का उदाहरण यह दिखाने के लिए दिया गया है कि प्रभु श्रीराम शरण में आए व्यक्ति की तुरंत रक्षा करते हैं।
निष्कर्ष
“हमारे साथ श्री रघुनाथ तो किस बात की चिंता” भजन हमें जीवन का सबसे बड़ा सत्य सिखाता है — कि जब ईश्वर पर पूरा भरोसा हो, तो चिंता का कोई स्थान नहीं रहता। यह भजन मन को साहस, विश्वास और शांति से भर देता है। जो व्यक्ति इस भाव को जीवन में उतार लेता है, उसका जीवन सहज, निडर और संतुलित हो जाता है।