शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ लिरिक्स | शिव भजन भावार्थ सहित

“शिव शंकर को जिसने पूजा, उसका ही उद्धार हुआ” एक अत्यंत भावपूर्ण और श्रद्धा से भरा शिव भजन है, जो भगवान शिव की करुणा, दया और मोक्षदायी स्वरूप को दर्शाता है। इस भजन में बताया गया है कि जो भक्त सच्चे मन से शिव की आराधना करता है, उसका जीवन सफल हो जाता है और अंत समय में वह भवसागर से पार हो जाता है।

यह भजन हमें शिव की उस कृपा का अनुभव कराता है, जो बिना भेदभाव के हर भक्त पर बरसती है। भोलेनाथ को यहाँ दीन-दुखियों का सहारा, जगत का पिता और मोक्षदाता बताया गया है। यह भजन विशेष रूप से महाशिवरात्रि, सावन, सोमवार व्रत और शिव आराधना के समय गाया जाता है।

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ लिरिक्स

शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ लिरिक्स


शिव शंकर को जिसने पूजा,
उसका ही उद्धार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ ॥
भोले शंकर की पूजा करो,
ध्यान चरणों में इसके धरो ।
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू...

डमरू वाला है जग में दयालु बड़ा
दीन दुखियों का देता जगत का पिता ॥
सब पे करता है ये भोला शंकर दया
सबको देता है ये आसरा ॥

इन पावन चरणों में अर्पण,
आकर जो इक बार हुआ,
अंतकाल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ,
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू...

नाम ऊँचा है सबसे महादेव का,
वंदना इसकी करते है सब देवता ।
इसकी पूजा से वरदान पातें हैं सब,
शक्ति का दान पातें हैं सब।

नाथ असुर प्राणी सब पर ही,
भोले का उपकार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ॥

शिव शंकर को जिसने पूजा,
उसका ही उद्धार हुआ ।
अंत काल को भवसागर में,
उसका बेडा पार हुआ ॥

भोले शंकर की पूजा करो,
ध्यान चरणों में इसके धरो ।
हर हर महादेव शिव शम्भू,
हर हर महादेव शिव शम्भू ।
हर हर महादेव शिव शम्भू...


भावार्थ (सरल शब्दों में)


इस भजन का भाव यह है कि जो व्यक्ति श्रद्धा और विश्वास के साथ भगवान शिव की पूजा करता है, उसका जीवन सफल हो जाता है। शिव ऐसे देव हैं जो अपने भक्तों के दुख हर लेते हैं और उन्हें संसार रूपी सागर से पार लगा देते हैं।

भजन में कहा गया है कि शिव दयालु हैं, सभी के पिता हैं और सब पर समान कृपा करते हैं। जो उनके चरणों में अपना मन अर्पित कर देता है, उसे किसी प्रकार का भय नहीं रहता। शिव की भक्ति से शक्ति, साहस और शांति प्राप्त होती है।

यह भजन हमें सिखाता है कि—

  • सच्ची भक्ति से ही उद्धार संभव है
  • शिव सबके कष्ट हरने वाले हैं
  • उनका स्मरण जीवन को पवित्र बना देता है
  • अंत समय में वही भवसागर से पार लगाते हैं

FAQ – शिव शंकर को जिसने पूजा भजन


1. यह भजन किस भाव पर आधारित है?

यह भजन शिव भक्ति, मोक्ष और ईश्वर की करुणा पर आधारित है।

2. यह भजन कब गाया जाता है?

यह भजन महाशिवरात्रि, सावन सोमवार, शिव पूजा और भजन संध्या में गाया जाता है।

3. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश है कि जो व्यक्ति सच्चे मन से शिव की पूजा करता है, उसका जीवन सफल और दुखों से मुक्त हो जाता है।

4. इस भजन से क्या लाभ होता है?

इस भजन को गाने या श्रद्धा से सुनने पर मन को गहरी शांति मिलती है और भीतर छिपा हुआ भय धीरे-धीरे दूर हो जाता है। हृदय में चल रही चिंताएँ शांत होने लगती हैं और मन शिव भक्ति में रम जाता है। जब भक्त सच्चे भाव से इस भजन का स्मरण करता है, तो उसकी आस्था और विश्वास और भी मजबूत हो जाते हैं। ऐसा माना जाता है कि इस भजन के प्रभाव से भोलेनाथ की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मकता, साहस और संतुलन बना रहता है।

5. शिव को उद्धारकर्ता क्यों कहा गया है?

क्योंकि शिव अपने भक्तों को जन्म–मरण के बंधन से मुक्त कर मोक्ष प्रदान करते हैं।

निष्कर्ष


“शिव शंकर को जिसने पूजा उसका ही उद्धार हुआ” भजन हमें यह सिखाता है कि शिव की सच्ची भक्ति ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा है। जब मन पूरी श्रद्धा से उनके चरणों में झुक जाता है, तब शिव अपने भक्त को हर संकट से उबार लेते हैं। यही शिव भक्ति का वास्तविक फल है।
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