“तेरा संकट सारा हर लेंगे, तू नाम हरि का जप ले” एक प्रेरणादायक और विश्वास से भरा भक्ति भजन है। यह भजन भक्त को यह संदेश देता है कि जीवन में चाहे कितनी भी परेशानियाँ क्यों न हों, यदि मन से हरि नाम का स्मरण किया जाए तो हर संकट स्वतः दूर हो जाता है।
इस भजन में भगवान को दयालु, कृपालु और संकटहर्ता के रूप में दर्शाया गया है। यह भजन मन में आशा जगाता है और यह विश्वास दिलाता है कि ईश्वर कभी अपने भक्त को अकेला नहीं छोड़ते।


तेरा संकट सारा हर लेंगे तू नाम हरि का जपले लिरिक्स
तेरा संकट सारा हर लेंगे,
तू नाम हरि का जपले,
तेरा संकट सारा हर लेंगे,
तू नाम हरि का जपले,
तू नाम हरि का जपले,
तू नाम प्रभु का जपले,
तू नाम हरि का जपले,
तू नाम प्रभु का जपले ॥
नाम बड़ा अनमोल हरि का,
नाम बड़ा अनमोल हरि का,
मालामाल तुझे भी कर देंगे,
तू नाम हरि का जपले,
तेरा संकट सारा हर लेंगे,
तू नाम हरि का जपले ॥
लाखों को भव से पार उतारा,
लाखों को भव से पार उतारा,
तुझको भी, तुझको भी,
तुझको भी भव पार करे,
तू नाम हरि का जपले
तेरा संकट सारा हर लेंगे
तू नाम हरि का जपले ॥
एक बार बस ध्यान लगा ले,
एक बार बस ध्यान लगा ले,
खुद आकर, हाँ खुद आकर,
खुद आकर हाथ पकड़ लेंगे,
तू नाम हरि का जपले
तेरा संकट सारा हर लेंगे
तू नाम हरि का जपले ॥
क्यों तू भटक रहा है प्राणी,
क्यों तू भटक रहा है प्राणी,
तुझे अपनी, तुझे अपनी,
तुझे अपनी शरण में रख लेंगे,
तू नाम हरि का जपले,
तेरा संकट सारा हर लेंगे,
तू नाम हरि का जपले ॥
तेरा संकट सारा हर लेगे,
तू नाम हरि का जपले,
तेरा संकट सारा हर लेंगे,
तू नाम हरि का जपले ॥
भजन का भावार्थ (सरल शब्दों में)
इस भजन का भाव यह है कि— जब मनुष्य दुख, भय और समस्याओं से घिर जाता है, तब उसे घबराने के बजाय भगवान के नाम का सहारा लेना चाहिए।
भक्त से कहा गया है कि
👉 “तू बस हरि नाम जप, तेरे सारे संकट दूर हो जाएंगे।”
यह भजन हमें सिखाता है कि:
ईश्वर पर विश्वास रखने से मन मजबूत होता है
नाम-स्मरण से नकारात्मकता दूर होती है
भगवान अपने भक्तों की हर परीक्षा में साथ देते हैं
अर्थात, हरि नाम ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. यह भजन किसे समर्पित है?
यह भजन भगवान विष्णु / श्रीहरि / श्रीराम / श्रीकृष्ण को समर्पित है।
2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?
👉 हरि नाम में अपार शक्ति है।
जो व्यक्ति सच्चे मन से भगवान का नाम जपता है, उसके सभी संकट दूर हो जाते हैं।
3. यह भजन कब गाना या सुनना श्रेष्ठ माना जाता है?
✔️ संकट या मानसिक परेशानी में
✔️ सुबह-शाम नाम जप के समय
✔️ सत्संग और भजन संध्या में
✔️ एकादशी या गुरुवार को
4. यह भजन हमें क्या सिखाता है?
✔️ धैर्य रखना
✔️ ईश्वर पर भरोसा करना
✔️ हर परिस्थिति में नाम-स्मरण करना
✔️ नकारात्मक सोच से दूर रहना