“होली श्याम जी के संग में खेला जी, फागण में” एक अत्यंत लोकप्रिय और आनंद से भरपूर श्याम भजन है, जो खाटू श्याम जी के साथ खेले जाने वाले फागण की होली का सुंदर वर्णन करता है। इस भजन में श्याम बाबा के दरबार की रौनक, रंग-गुलाल की मस्ती और भक्तों के उल्लास का भावपूर्ण चित्रण मिलता है।
फागण मास में खाटू धाम में होने वाला होली उत्सव श्याम भक्तों के लिए विशेष महत्व रखता है। यह भजन उसी भक्ति, प्रेम और उत्सव की भावना को शब्दों में पिरोता है। भजन सुनते ही मन श्याम नाम में रम जाता है और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है।
श्याम संकीर्तन, फागण मेला और होली उत्सव के दौरान यह भजन श्रद्धा और आनंद के साथ गाया जाता है।


होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में लिरिक्स
आया आया फागण आया,
खाटू में हमे श्याम ने भुलाया,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में ॥
नीला पीला रंग गुलाभी,
कोई लाया भर पिचकारी,
चलो श्याम जी को रंग लगाये गे फागण में,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में ॥
ढोल नगाड़े शंख है बाजे,
राम दीवाने झूम झूम नाचे संग श्याम जी को खूब नचाये गे फागण में,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में ॥
श्याम जी के मेले में जो भी जाते भर भर झोली वो ले आते,
जा तू भी अर्जी लगा ले फागण में,
आया आया फागण आया,
खाटू में हमें श्याम ने भुलाया,
होली श्याम जी के संग में खेला जी फागण में ॥
श्याम जी के फागण की होली ( छोटा लेख )
फागण का महीना आते ही खाटू धाम श्याम भक्ति के रंग में रंग जाता है। इस समय खाटू श्याम जी के साथ खेली जाने वाली होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और आनंद का उत्सव होती है। भक्त दूर-दूर से खाटू जी आते हैं और श्याम नाम के रंग में स्वयं को रंग लेते हैं।
श्याम जी के फागण उत्सव में गुलाल, फूलों की होली और संकीर्तन के माध्यम से भक्त अपने आराध्य के प्रति प्रेम प्रकट करते हैं। माना जाता है कि फागण में श्याम बाबा अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाते हैं और उनकी मनोकामनाएँ पूर्ण करते हैं।
यह उत्सव हमें सिखाता है कि जब भक्ति में आनंद जुड़ जाता है, तब साधना बोझ नहीं रहती, बल्कि उत्सव बन जाती है। यही श्याम जी की फागण होली का सच्चा सार है।
FAQ – अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1. “होली श्याम जी के संग” भजन किसे समर्पित है?
यह भजन खाटू श्याम जी को समर्पित है, जिन्हें कलियुग का देवता माना जाता है।
2. यह भजन किस अवसर पर गाया जाता है?
- ✔️ फागण मास
- ✔️ खाटू श्याम फागण मेला
- ✔️ होली उत्सव
- ✔️ श्याम संकीर्तन और भजन संध्या
3. इस भजन का मुख्य भाव क्या है?
👉 भक्ति और उल्लास का संगम
भक्त श्याम बाबा के साथ होली खेलने का सौभाग्य महसूस करता है और उनके प्रेम में रंग जाता है।
4. श्याम जी के फागण उत्सव का क्या महत्व है?
फागण उत्सव में: ✔️ श्याम बाबा की विशेष कृपा मानी जाती है
✔️ भक्तों में भक्ति और आनंद बढ़ता है
✔️ श्याम नाम का सामूहिक संकीर्तन होता है
5. क्या यह भजन सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है?
हाँ, यह भजन भक्ति, आनंद और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा है — सभी श्याम भक्तों के लिए उपयुक्त।