मेरी लगी श्याम संग प्रीत लिरिक्स | Meri Lagi Shyam Sang Preet Ye Duniya Kya Jaane Lyrics

“मेरी लगी श्याम संग प्रीत” एक अत्यंत मधुर और भावनात्मक श्रीकृष्ण भक्ति भजन है, जो भक्त और भगवान श्याम के बीच के अनन्य प्रेम, समर्पण और आत्मिक जुड़ाव को प्रकट करता है। इस भजन में भक्त अपने हृदय की बात सीधे श्रीकृष्ण से कहता है कि उसका मन अब संसार से हटकर केवल श्याम नाम में ही रम गया है।

यह भजन माधुर्य भाव भक्ति का सुंदर उदाहरण है, जहाँ प्रेम में कोई शर्त, अपेक्षा या स्वार्थ नहीं होता। श्याम के प्रति यह प्रीत इतनी गहरी होती है कि भक्त को संसार की अन्य सारी मोह-माया फीकी लगने लगती है।

सरल शब्दों और कोमल भावों के कारण यह भजन भजन संध्या, सत्संग, रासलीला और कृष्ण जन्माष्टमी जैसे अवसरों पर विशेष रूप से गाया जाता है। इसे सुनते ही मन में वृंदावन की लीलाएँ और राधा-कृष्ण का प्रेम रस स्वतः जागृत हो जाता है।


Meri Lagi Shyam Sang Preet


Meri Lagi Shyam Sang Preet Ye Duniya Kya Jaane Lyrics In Hindi


मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने,
क्या जाने, ये दुनियाँ क्या जाने,
मुझे मिल गया मन का मीत,
ये दुनिया क्या जानें,
मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने।

छवि लखि मैंने श्याम की जब से,
भई बाँवरी मैं तो तब से,
बाँधी प्रेम की डोर मोहन से,
नाता तोड़ा मैंने जग से,
ये कैसी निगोड़ी प्रीत,
ये दुनिया क्या जानें,
मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने।

मोहन की सुन्दर सूरतियां,
मन में बस गई मोहनी मूरतियां,
जब से ओढ़ी श्याम चुनरियां,
लोग कहे मैं भई बावरियां,
मैंने छोड़ी जग की रीत,
ये दुनिया क्या जानें,
मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने।

हर दम अब तो रहूँ मस्तानी,
रूप राशि अंग अंग समानी,
हेरत हेरत रहूँ दीवानी,
मैं तो गाऊँ खुशी के गीत,
ये दुनिया क्या जानें,
मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने।

मोहन ने ऐसी बंसी बजाई,
गोप गोपियां दौड़ी आई,
सब ने अपनी सुध बिसरायी,
लोक लाज कुछ काम न आई,
फिर बाज उठा संगीत,
ये दुनिया क्या जानें,
मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने।

मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने,
क्या जाने, ये दुनियाँ क्या जाने,
मुझे मिल गया मन का मीत,
ये दुनिया क्या जानें,
मेरी लगी श्याम संग प्रीत,
ये दुनियाँ क्या जाने।


Meri Lagi Shyam Sang Preet Ye Duniya Kya Jaane Lyrics In English


Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane,
Kya Jaane, Ye Duniya Kya Jaane,
Mujhe Mil Gaya Man Ka Mit,
Ye Duniya Kya Jaane,
Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane.

Chhavi Lakhi Mainne Shyam Ki Jab Se,
Bhi Baanvari Main To Tab Se,
Baandhi Prem Ki Dor Mohan Se,
Naata Toda Mainne Jag Se,
Ye Kaisi Nigodi Preet,
Ye Duniya Kya Jaane,
Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane.

Mohan Ki Sundar Suratiyaan,
Man Mein Bas Gai Mohani Muratiyaan,
Jab Se Odhi Shyam Chunariyaan,
Log Kahe Main Bhi Baavariyaan,
Mainne Chhodi Jag Ki Rit,
Ye Duniya Kya Jaane,
Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane.

Har Dam Ab To Rahun Mastaani,
Rup Raashi Ang Ang Samaani,
Herat Herat Rahun Divaani,
Main To Gaun Khushi Ke Git,
Ye Duniya Kya Jaane,
Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane.

Mohan Ne Aisi Bansi Bajai,
Gop Gopiyaan Daudi Aai,
Sab Ne Apani Sudh Bisaraayi,
Lok Laaj Kuchh Kaam Na Aai,
Phir Baaj Utha Sangit,
Ye Duniya Kya Jaane,
Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane.

Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane,
Kya Jaane, Ye Duniya Kya Jaane,
Mujhe Mil Gaya Man Ka Mit,
Ye Duniya Kya Jaane,
Meri Lagi Shyam Sang Preet,
Ye Duniya Kya Jaane.

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)


1. “मेरी लगी श्याम संग प्रीत” भजन किससे संबंधित है?

यह भजन भगवान श्रीकृष्ण (श्याम) से संबंधित है।

2. इस भजन का मुख्य भाव क्या है?

इस भजन का मुख्य भाव अनन्य प्रेम, समर्पण और माधुर्य भक्ति है।

3. ‘श्याम संग प्रीत’ का क्या अर्थ है?

इसका अर्थ है भगवान कृष्ण के साथ हृदय का गहरा और अटूट प्रेम संबंध।

4. यह भजन किन अवसरों पर गाया जाता है?

यह भजन प्रायः कृष्ण जन्माष्टमी, भजन संध्या, सत्संग और रासलीला में गाया जाता है।

5. इस भजन को सुनने से क्या अनुभूति होती है?

इस भजन से मन में शांति, प्रेम भाव की वृद्धि और भक्ति रस की अनुभूति होती है।

6. क्या यह भजन सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है?

हाँ, यह भजन सभी भक्तों और सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है।

7. क्या यह भजन केवल धार्मिक है?

नहीं, यह भजन प्रेम, समर्पण और आत्मिक शांति जैसे जीवन मूल्यों से भी जुड़ा हुआ है।

निष्कर्ष


“मेरी लगी श्याम संग प्रीत” भजन यह दर्शाता है कि जब भक्त का मन पूर्ण प्रेम और विश्वास के साथ श्याम में लग जाता है, तब जीवन अपने आप रस और आनंद से भर जाता है।

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